वास्तु में आयाम व आयादि सूत्र

aayam and aayadi sutra in vastu

aayam and aayadi sutra in vastu

भूमि की लंबाई को भवन के गर्भगृह के केन्द्रीय हिस्से के चौड़ाई से गुणा करने पर आयाम प्राप्त होता है। आयाम ही किसी भी भवन में रहने वालों के सुख, सौभाग्य, स्वास्थ्य तथा आयु पर अच्छा या बुरा असर डालता है।

आयाम की गणना भवन के सेन्ट्रल एरिया की लंबाई, चौड़ाई के गुणा से ज्ञात किया जा सकता है। लम्बाई व चौड़ाई के गुणन से प्राप्त मान को 9 से गुणा करके 8 से भाग देने पर प्राप्त संख्या 1 से 8 का  निम्नाकित भविष्य होगा।

एकध्वजायाम – परिवार में सुख, समृद्धि, घर में आर्थिक सम्पन्नता तथा खुशहाली लाने वाला
दोधूमायाम – घर के पुरुष मुखिया को बीमारी तथा घर में भयावह गरीबी लाने वाला
तीनसिंहायाम – शत्रुओं पर विजय देने वाली तथा भवन के निवासियों के लिए स्वास्थ्य, धन-धान्य तथा सम्पन्नता लाने वाला
चारस्वनायाम – भवन में रहने वालों के लिए बीमारियां तथा अशुभ असर लाने वाला
पांचवृषभायाम – भवन पर मां लक्ष्मी की साक्षात कृपास्वरूप, धन, सम्पन्नता तथा सौभाग्य देने वाला
छहखरायाम – बुरा स्वास्थ्य, जीवन में आकस्मिक दुर्घटनाएं तथा अशुभता लाने वाला
सातगजायाम – भवन में रहने वालों के लिए धन, स्वास्थ्य, फेम, बुद्धि तथा भाग्य बढ़ाने वाला
आठकाकायाम – भवन के निवासियों के लिए दुखदायी, सभी लोगों की शांति, समृद्धि खत्म कर भयावह गरीबी और बीमारी लाने वाला

शुभ आयाम – ध्वज, सिंह, वृषभ, गज

अशुभ आयाम – धूम्र, स्वान, खर, काक

आयाम के द्वारा भवन या कमर्शियल स्थान के उपयोग का शुभाशुभ निर्णय :-

गोदाम, वेयरहाउस तथा कोल्ड-स्टोरेजगजायाम
दुकानें तथा कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स

गजायाम अथवा सिंहायाम शुभ

ध्वजायाम औसत फल देने वाला

थिएटर, सिनेमा हॉल्स, रिसर्च लैब, सेंटर्स, स्कूल, कॉलेज आदि

वृषभायाम सर्वश्रेष्ठ

ध्वजायाम – औसत

जिम, क्लब हाउस, हॉस्टल आदि

सिंहायाम – शुभ

गजायाम – औसत फल देने वाला

न्यायालय भवन, सार्वजनिक स्थल, पंचायत भवन, विधानसभा आदिसिंहायाम
फैक्टरी तथा औद्योगिक भवनसिंहायाम अथवा ध्वजायाम
मिल्स, चीनी मील, चावल मिल आदि

ध्वजायाम, वृषभायाम – शुभ

सिंहायाम – औसत

मैरिज हॉलवृषभायाम अथवा ध्वजायाम
धर्मशाला तथा लॉजिस्टिक सेंटर्सगजायाम – सर्वश्रेष्ठ, वृषभायाम व ध्वजायाम औसत फल देने वाला

नोटः पहले फ्लोर (मंजिल) का आयाम पूरी तरह से वही होना चाहिए जोकि ग्राउंड फ्लोर का है। पहले फ्लोर की हाईट (ऊंचाई) भी ग्राउंड फ्लोर की ऊंचाई से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

अयादि की गणना करना

किसी भी भवन को बनाते समय उसमें आयाम के साथ-साथ कई अन्य बातों का भी ध्यान रखा जाता है जो उस भवन की शुभता तथा वास्तु अनुरूपता को बढ़ाकर उसे सब प्रकार से सौभाग्यशाली तथा मंगलदायी बनाती हैं।

  1. प्लिंथ एरिया ( भूमि का या कंस्ट्रक्शन एरिया का क्षेत्रफल) को 8 से गुणा कर उसे 12 का भाग देने पर बचे शेष को धन (Wealth) कहते हैं।
  2. प्लिंथ एरिया को 3 से गुणा कर उसमें 8 का भाग देने पर बचे शेष को ऋण (Rin) कहते हैं।
  3. प्लिंथ एरिया को 9 से गुणा कर उसमें 8 का भाग देने पर बचे शेष को आयाम (Ayam) कहते हैं।
  4. प्लिंथ एरिया को 8 से गुणा कर उसमें 30 का भाग देने पर बचे शेष को तिथि (Tithi) कहते हैं।
  5. प्लिंथ एरिया को 9 से गुणा कर उसमें 7 का भाग देने पर बचे शेष को दिन (Day) कहते हैं।
  6. प्लिंथ एरिया को 8 से गुणा कर उसमें 27 का भाग देने पर बचे शेष को नक्षत्र (Star) कहते हैं।
  7. प्लिंथ एरिया को 4 से गुणा कर उसमें 27 से भाग देने पर बचे शेष को योग (Yoga) कहते हैं।
  8. प्लिंथ एरिया को 5 से गुणा कर उसमें 11 से भाग देने पर बचे शेष को कर्ण (Karna) कहते हैं।
  9. प्लिंथ एरिया को 6 से गुणा कर उसमें 9 का भाग देने पर बचे शेष को (Amsam) कहते हैं।
  10. प्लिंथ एरिया को 9 से गुणा कर उसमें 12 से भाग देने पर बचे शेष को उस भवन की कुल उम्र (Age of the Building) माना जाता है।

नोट :- धन को सदैव ऋण से अधिक होना चाहिए।

तिथि

15 अमावस्या, 30 पूर्णिमा

1, 4, 8, 9, 14 – अशुभ

2, 3, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 13 – शुभ

नक्षत्र

4, 5, 8, 12, 13, 14, 15, 17, 21, 23, 24, 26, 27 – सौभाग्यशाली

योग

15, 13, 1, 9, 10, 11, 27, 17, 19 – अशुभ

करण

1, 2, 3, 4, 5 – शुभ फलदायी

अंश (Amsa)

1 – हानि, 2 – इम्प्रुवमेंट, 3 – धन, 4 – चिंता, 5 – मृत्यु का भय, 6 – चोरी की आशंका, 7 – परिवार में बढ़ोतरी, 8 – हस्बैंडरी इम्प्रुवमेंट, 9 (अथवा 0) – प्रसन्नता तथा सौभाग्यवर्धक

उम्र

60 वर्ष से अधिक होने पर शुभ तथा इससे कम होने पर अशुभ माना जाता है।

विशेष :- यहां पर ‘आयाम’ शब्द से तात्पर्य ‘योनि’ से है। जबकि ‘धन’ (Wealth) का अर्थ ‘आय’ तथा ‘ऋण’ का अर्थ ‘व्यय’ से हैं।

2 Comments

  1. Aman Sharma says:

    वास्तुशास्त्र जीवन के संतुलन का प्रतिपादन करता है। यह संतुलन बिगड़ते ही मानव एकाकी और समग्र रूप से कई प्रकार की कठिनाइयों और समस्याओं का शिकार हो जाता है।

  2. Sir in this U can convert in English please

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *